यह कविता उन तमाम व्यक्तियों, समुदायों, व तथकथित धर्म के उन ठेकेदारों को जाग्रत करने के लिये है जो बेटियों को जन्म से पहले ही लिंग परीक्षण करवा कर कोख में ही मरवा डालते हैं ।  →